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करण, गूगल, जोरो… एनएसजी स्‍क्‍वाड के वो कमांडों जो ‘सूंघ’ लेते हैं हर खतरा, जी20 में लगी ड्यूटी!

जी20 आयोजन स्थलों पर इस सप्ताहांत 20 स्‍पेशल ट्रेंन्‍ड सिक्‍योरिटी मेंबर ड्यूटी पर रहेंगे। खतरे का पता ये सूंघकर लगा लेते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के खास K-9 दस्ते के ये चार पैर वाले सैनिक हैं। जी20 आयोजन स्‍थलों पर करण, गूगल, जोरो और उनके सहयोगी विशेष उपकरणों से सुसज्जित होंगे। इन उपकरणों में नाइट विजन ग्लास, क्यूटली डॉगल्स, वॉकी टॉकी तक शामिल है। ये छिपे विस्फोटकों को सूंघ लेते हैं। एक इशारा पाकर दुश्‍मन को चीर डालते हैं। उनकी नाक के नीचे से निकल जाना किसी भी दुश्‍मन के लिए आसान नहीं है।

डॉग यूनिट की ड्यूटी राजघाट, आईटीपीओ और पूसा परिसर जैसे प्रमुख स्थानों पर लगेगी। इसके अलावा यह यूनिट हाउस इंटरवेंशन टीमों के साथ भी मोर्चा संभालेगी। इस यूनिट में लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, बेल्जियन मैलिनोइस और कॉकर स्पैनियल जैसी नस्‍ल के कुत्‍ते हैं। ये एनएसजी कमांडों के साथ हर कदम रहने के लिए सुबह 4 बजे से ट्रेनिंग में जुट जाते हैं। इनकी दिनचर्या बेहद कठोर रहती है। उन्हें शहरी इलाकों में नेविगेट करना सिखाया गया है। विस्फोटक सामग्री को सूंघ लेने की स्‍पेशल ट्रेनिंग दी गई है। जी20 आयोजन स्थलों को सुरक्षित करने को एलईडी लाइट-गाइडेड निर्देशों के लिए भी इन्‍हें प्रशिक्षित किया गया है।

चार पैरों वाले सैन‍िक हर खतरे का पता लगाने को तैयार
हमारे सहयोगी समाचार पत्र ‘TOI’ ने मंगलवार को मानेसर में एनएसजी के के-9 केंद्र का दौरा किया। इसका मकसद इन चार पैरों वाले सैनिकों को शिखर सम्मेलन के लिए दी जा रही ट्रेनिंग का पता लगाना था। के-9 यूनिट के ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट कर्नल राज भरत शर्मा ने बताया, ‘तमाम वेन्‍यू के आसपास बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग के लिए कुत्तों को गंध और वेपर वेक डिटेक्शन के प्रति संवेदनशील बनाया गया है।’

कुत्तों को ‘जैमिंग टेक्‍नोलॉजी’ में भी ट्रेंड किया गया है। यह इम्‍प्रोवाइज्‍ड विस्फोटक उपकरणों का पता लगाने में काम आएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘कुत्ते जो उपकरण ले जाएंगे उनका अपना एन्क्रिप्टेड नेटवर्क होगा। आईईडी का पता लगने पर कुत्ते को उस स्थान पर भेजा जाएगा। डिवाइस से उत्सर्जित होने वाले संकेतों को रोकने के लिए एक जैमर छोड़ा जाएगा। ये कुत्ते संदिग्धों से राइफल और हथियार भी छीन सकते हैं। उन्हें हैंडलर तक ले जा सकते हैं। यह बंधक स्थितियों में उपयोगी होगा।’

एनएसजी अपनी तैयारियों को लगातार कर रहा है एडवांस
आतंकी खतरे लगातार शक्‍ल बदल रहे हैं। इस के मद्देनजर एनएसजी ने अपनी डॉग यूनिटों की बम-डिटेक्‍शन स्किल को बेहतर बनाने के लिए कई पहल शुरू की हैं। पिछले साल से इन कुत्तों ने विभिन्न प्रकार की घरेलू और नई विस्फोटक सामग्रियों के साथ ट्रेनिंग ली है। अधिकारी ने कहा, ‘K-9 मेंबर्स को एडवांस्ड विस्फोटक प्रणालियों के साथ जैविक और रासायनिक पदार्थों का पता लगाने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है। इसमें ऊंचाई पर स्थित वस्तुओं के अलावा छिपी हुई और गहराई में दबी वस्तुओं का पता लगाना शामिल है।’

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