राजस्थान में मसालों का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन व्यापारी नीति के अभाव से परेशान.
राजस्थान में मसालों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन मसाला व्यापारी इस बात से नाखुश हैं कि सरकार ने मसाला उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है।
व्यापारियों का कहना है कि राजस्थान में मसालों का उत्पादन देश के कुल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा है, लेकिन राज्य में मसालों के लिए कोई विशेष नीति नहीं होने के कारण व्यापारी और किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों का मानना है कि अगर राज्य सरकार मसालों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष नीति बनाती है तो इससे राज्य के किसानों और व्यापारियों को काफी फायदा होगा।
राजस्थान में जीरा, ईसबगोल, मेथी, धनिया, अजवायन, मिर्च और सौंफ जैसे मसालों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। देश का 70% से अधिक जीरा और 90% सौंफ राजस्थान में पैदा होती है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है? यह खबर राजस्थान में मसाला उद्योग की स्थिति और इसमें आ रही चुनौतियों को उजागर करती है। यह खबर यह भी बताती है कि कैसे सरकार की नीतियों का असर किसानों और व्यापारियों के जीवन पर पड़ता है।


