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झारखंड में डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ली, मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद काम पर वापस लौटे

झारखंड में चिकित्सकों ने शुक्रवार को काम का बहिष्कार करने के कुछ घंटों बाद ही अपनी हड़ताल वापस ले ली। पुलिस ने बताया कि उन्होंने जमशेदपुर में एक डॉक्टर से मारपीट के चार आरोपियों के गिरफ्तार किए जाने के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली। जमशेदपुर में महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (एमजीएमएमसीएच) के एक वरिष्ठ चाइल्ड चिकित्सक कमलेश उरांव से सोमवार रात को एक बच्चे की मौत होने के बाद उसके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर मारपीट की थी।

पुलिस ने चारों आरोपियों को दूर रात किया गिरफ्तार

पूर्वी सिंहभूम (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें जेल भेजने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गयी हैं। उन्होंने बताया कि एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गुरुवार देर रात को आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मारपीट के विरोध में 14 हजार डॉक्टर हड़ताल पर रहे

भारतीय चिकित्सा संघ की प्रदेश इकाई और झारखंड स्वास्थ्य सेवा संघ (जेएचएसए) के सदस्यों ने शुक्रवार को सुबह छह बजे से काम का बहिष्कार करने का आह्वान किया था। आईएमए के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में सरकारी और निजी अस्पतालों के करीब 14,000 चिकित्सकों ने हड़ताल में भाग लिया। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।

रिम्स और अन्य सरकारी अस्पतालों में 2 घंटे तक सेवा प्रभावित

अधिकारियों ने बताया कि हड़ताल के कारण एमजीएमएमसीएच, रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान और धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवाएं दो घंटे तक बाधित रहीं।

चिकित्सा सुरक्षा कानून लागू करने की मांग

झारखंड आईएमए के अध्यक्ष ए के सिंह ने कहा कि संगठन ने दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग पूरी होने के बाद हड़ताल बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि आईएमए सरकार से चिकित्सकों तथा मरीजों दोनों के फायदे के लिए जल्द से जल्द चिकित्सा सुरक्षा कानून (एमपीए) लागू करने का भी अनुरोध करता है।

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