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मेडल नहीं तो क्या, नीरज चोपड़ा के साथी की मेहनत भी कम नहीं, 2 वर्ष से नहीं देखा घर का मुंह

पहली बार विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में खेलते हुए शानदार पांचवें स्थान पर रहे भालाफेंक खिलाड़ी किशोर जेना तैयारी पुख्ता करने के लिए पिछले दो साल से घर नहीं गए हैं और निकट भविष्य में भी उन्हें इसकी संभावना नजर नहीं आ रही। बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप में तोक्यो ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा तो जेना और डी पी मनु के प्रदर्शन ने भी सभी का ध्यान खींचा। जेना रविवार की देर रात हुए फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे जिन्होंने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 84.77 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका।

पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे तीन भारतीय
डीपी मनु छठे स्थान पर रहे जिनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 84.14 मीटर का था। पहली बार भारत के तीन खिलाड़ी विश्व चैंपियनशिप फाइनल में शीर्ष तीन में थे। ओडिशा के पुरी जिले के कोथासाही गांव के रहने वाले जेना ने बुडापेस्ट से कहा, ‘पहली बार मैं इतने बड़े स्तर पर खेल रहा था और डर भी लग रहा था कि अच्छा खेल पाऊंगा या नहीं। पहली विश्व चैंपियनशिप थी लेकिन मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं।’ उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा ने समय समय पर सलाह देकर उनकी हौसलाअफजाई की।

नहीं मना सके जश्न, 2 साल से नहीं गए घर
भारत के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का जश्न कैसे मनाया, यह पूछने पर उन्होंने कहा, ‘जश्न मनाने का समय ही कहां मिला। रात को 11.30 पर कमरे में पहुंचे और सुबह की फ्लाइट लेनी थी। ’ यह पूछने पर कि घर लौटकर माता पिता के साथ कैसे जश्न मनाएंगे, उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से तैयारियों के कारण वह घर ही नहीं गए हैं। उन्होंने कहा, ‘आखिरी बार 2021 में घर गया था। उसके बाद से पटियाला में शिविर में तैयारियों और स्पर्धाओं में जुटा हूं। ब्रेक लेने पर लय टूट जाती। आगे भी एशियाई खेल और ओलिंपिक क्वालीफायर की तैयारी करनी है तो लगता नहीं कि इस साल घर जा सकूंगा।’

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