बसपा का नेतृत्व करने के लिए तैयार किए जा रहे हैं आकाश? मायावती ने अब तक इसके लिए क्या किया जानिए
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे और पार्टी के नैशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने बुधवार को धौलपुर से संकल्प यात्रा के जरिए राजस्थान में चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया। बसपा लंबे समय बाद कांशीराम के दौर की तरह संकल्प यात्रा कर रही है। इसकी शुरुआत आकाश की अगुआई में हुई है। यह यात्रा राजस्थान के कई जिलों और विधानसभाओं में जाएगी। यात्रा के साथ सभी की निगाहें आकाश पर टिकी हैं। अब ऐसे में चर्चा यह भी है कि क्या आकाश बसपा का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं?
आकाश आनंद की पार्टी में सक्रियता पिछले छह साल से लगातार बढ़ती जा रही है। शुरुआत में मायावती ने अपने साथ उनका मंचों पर परिचय करवाया। इसके बाद नैशनल कोऑर्डिनेटर जैसा अहम पद दिया। दूसरे राज्यों में संगठन की बैठकें और सभाएं की। हाल में उनको राजस्थान, एमपी, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव का जिम्मा सौंपा, उनके साथ दो भरोसेमंद नेताओं अशोक सिद्धार्थ और रामजी गौतम को लगाया है। इस बीच मध्य प्रदेश में आकाश की सक्रियता काफी देखने को मिली। उन्होंने इसी महीने आदिवासी दिवस पर राजभवन तक मार्च किया। अभी तक बयानबाजी से बचते आए आकाश खुलकर बोल रहे हैं। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर पर दिया गया उनका बयान काफी चर्चा में रहा।
ऐसी होगी पदयात्रा
धौलपुर से शुरू हो रही आकाश की संकल्प यात्रा चर्चा में है। यह यात्रा करीब साढ़े तीन हजार किलोमीटर की होगी। इसमें वह राजस्थान के 33 जिले और 96 विधानसभा सीटों को कवर करेंगे। इस यात्रा को ‘सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय संकल्प यात्रा’ नाम दिया गया है। बसपा सूत्रों के अनुसार इसका पहला फेज रक्षाबंधन से पहले 29 अगस्त को खत्म होगा। वह रोजाना सुबह नौ बजे से शाम 6 बजे तक यात्रा करेंगे।
एनबीटी लेंस – क्यों हो रही नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा?
बसपा में इससे पहले कांशीराम के समय में ही संकल्प यात्रा का चलन था। जबसे मायावती को नेतृत्व मिला, तब से उन्होंने चुनावी रैलियां तो खूब कीं और भीड़ दिखाने की कोशिश रही। अब उन्होंने आकाश को जिम्मेदारी दी है। उनको पार्टी के बड़े चेहरे के तौर पर पेश किया जा रहा है। इस यात्रा का खास पहलू यह है कि आकाश ने इस यात्रा की शुरुआत धौलपुर जिले से की है। यह जिला राजस्थान के साथ ही यूपी और एमपी की सीमाओं से जुड़ा है। ऐसे में राजस्थान के साथ ही यूपी और एमपी में भी प्रभाव पड़ेगा। चर्चा यह भी है कि जिस तरह आकाश का कद पार्टी में लगातार बढ़ रहा है, उसे देखते हुए इन चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद वह जल्द यूपी में भी सक्रिय हो सकते हैं।




