प्रवर्तन निदेशालय (ED), चेन्नई ज़ोनल ऑफिस ने तमिलनाडु के मत्स्य मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ₹1.26 करोड़ की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं।
ये संपत्तियां तूतीकोरिन, मदुरै और चेन्नई में स्थित हैं और इन पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत कार्रवाई की गई है।
ED ने जांच की शुरुआत तमिलनाडु के सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC), तूतीकोरिन द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की। यह एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और 13(1)(e) के तहत दर्ज की गई थी। इसमें अनीता आर. राधाकृष्णन पर अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था।
जांच के बाद, DVAC ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और विशेष न्यायाधीश, तूतीकोरिन की अदालत में एक आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें बताया गया कि मंत्री ने 14 मई 2001 से 31 मार्च 2006 तक की जांच अवधि के दौरान ₹2.07 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की।
2022 में, ED ने जांच के दौरान 18 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं, जिनकी कुल कीमत ₹1 करोड़ (लगभग) थी। इन संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में शामिल पाया गया था।
ED की जांच में यह भी पता चला कि मंत्री और उनके परिवार के सदस्य अब भी अपराध से अर्जित संपत्तियों का लाभ उठा रहे हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों को अवैध तरीके से हासिल किया गया था और इनसे और भी फायदे उठाए गए हैं।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ ED की सख्त नीति को दर्शाती है।



