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रकुल प्रीत बोलीं- कई बार रिजेक्शन से गुजरी हूं, एक फिल्म से शूट करने के बाद मुझे निकाल दिया गया

रकुल प्रीत बॉलीवुड की ‘थैंक गॉड’, ‘डॉक्टर जी’, ‘छतरीवाली’ जैसी कई हालिया फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। इस साल भी रकुल की कुछ हिन्दी और तमिल फिल्में लाइनअप में हैं, जिनमें ‘आई लव यू’, ‘मेरी पत्नी का रीमेक’, ‘आयलान’ और ‘इंडियन 2’ आदि शामिल हैं। रकुल प्रीत ने नवभारत टाइम्स से बातचीत में फिल्मों से पहले अपने स्पोर्ट्स की दीवानगी, स्ट्रगल से लेकर कॉलेज लाइफ तक के बारे में काफी कुछ खुलकर कहा है। पढ़िए, रकुल ने क्या बातें कही हैं।

पॉकेट मनी के लिए की थी पहली फिल्म

मैथेमेटिक्स में ग्रेजुएट रह चुकीं रकुल सर्टिफाइड नैशनल लेवल की गोल्फर भी रह चुकी हैं। उनसे जब एक रीडर ने पूछा कि उन्होंने इतनी सारी स्किल्स के बावजूद उन्होंने अभिनय का क्षेत्र क्यों चुना? इस पर रकुल का कहना था, ‘मैं बचपन से ही दूसरे बच्चों की तरह धक-धक पर डांस किया करती थी। एक्टिंग तो बहुत बाद की बात है, मगर ग्लैमर जगत से मैं आकर्षित जरूर हो गई थी। मैंने स्कूल के बाद मॉडलिंग के लिए एक पोर्टफोलियो करवाया था और उसी दौरान मुझे एक फिल्म मिली। मैंने अपनी पहली फिल्म पॉकेट मनी के लिए की थी। तब मैं कॉलेज में मैथेमैटिक्स की पढ़ाई कर रही थी, मगर कैमरे के सामने मुझे इतना अच्छा लगने लगा कि मैंने सोचा आप पर्दे पर एक किरदार ही नहीं दुनिया क्रिएट कर सकते हैं। उसी के बाद मैंने तय कि मैं पहले अपनी एजुकेशन पूरी करूंगी और उसी के बाद इस क्षेत्र में कदम रखूंगी।

मैंने खुद को आजमाने के लिए दो साल दिए थे

रकुल ने करियर के मामले में युवाओं को टिप्स देते हुए कहा, ‘आप जब किसी फील्ड में ट्राई कर रहे होते हैं, तो आपको पता नहीं होता कि आप सफल होंगे या नहीं? आपको लगातार कोशिश करनी पड़ती है और एक तयशुदा वक्त देना होता है। अब जैसे मैंने खुद को दो साल का समय दिया था। मैंने तय कर लिया था कि मैं दो साल तक अभिनय में कोशिश करूंगी और नहीं हुआ, तो मॉडलिंग का रास्ता अख्तियार कर लूंगी। मॉडलिंग मेरा प्लान बी था, तो अपने मन का करियर जरूर चुनें, मगर प्लान बी हमेशा तैयार रखें। आपके पास बैकअप होना जरूरी होता है।

सोच-समझ कर रिस्क लें

सभी जानते हैं कि सपनों की नगरी में अनगिनत लोग अपना भाग्य आजमाने आते हैं। कई युवा ऐसे होते हैं, जो बिना सोचे-समझे आ जाते हैं। इस पर रकुल का कहना था, ‘रिस्क लेना अच्छा है, मगर हमेशा कैलकुलेटिव रिस्क लें। किसी भी चीज में बिना सोचे-समझे न कूद पड़ें। मैंने हमेशा सोच-समझ कर रिस्क लिया। मैं अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी थी। मॉडलिंग में शुरुआत कर चुकी थी और उसी के बाद अभिनय में आई। मुझे लगता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

पांच दिन की शूटिंग के बाद मुझे निकाल दिया गया

जाते-जाते रकुल यूथ को रिजेक्शन फेस करने के टिप्स देना नहीं भूलीं। उनका कहना था, ‘मुझे लगता है कि असल जिंदगी कॉलेज के बाद शुरू होती है। मैं जब कॉलेज में थी, तब एग्जाम्स और कॉलेज बहुत बड़ी बात लगते थे। मगर कॉलेज खत्म होने के बाद आप जीवन की सचाइयों से वाकिफ होते हैं। मैं जब इस क्षेत्र में आई, तो कई बार रिजेक्शन से गुजरी। एक बार तो एक फिल्म में 4 दिन शूट करने के बाद मुझे निकाल दिया गया। दुख हुआ, मगर मैं निराश होकर बैठ नहीं गई। युवा किसी भी हाल में रिजेक्शन से निराश न हों।

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