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एकनाथ शिंदे गुट के विरोध के बावजूद अजित पवार को वित्त विभाग, जानें कैसे फायदे में है NCP

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के बीच वर्षा बंगले पर करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। इसमें व‍िभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा हुई। शिवसेना और बीजेपी के कुछ मंत्रियों के व‍िभागों में बदलाव की संभावना है। कहा जा रहा है क‍ि शिवसेना का कृषि व‍िभाग और बीजेपी का ग्रामीण विकास व‍िभाग पवार गुट के पास जाएगा। इसके अलावा माना जा रहा है कि वित्त और नियोजन व‍िभाग और एक अन्य महत्वपूर्ण व‍िभाग भी पवार गुट को मिलेगा। इस विभाग से पवार गुट को शहरी इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत करने और घरों तक पहुंचने में मदद मिलने की संभावना है।

सूत्रों की माने तो पोर्टफोलियो बंटवारे में वित्त, योजना, को-ऑपरेटिव और कृषि व‍िभाग एनसीपी के अजीत पवार गुट को दिया जाना पक्‍का हो गया। इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। यहां अहम बात यह है क‍ि शिंदे गुट के विधायक भरत गोगावले और प्रहार पार्टी के विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व में श‍िवसेना विधायकों ने अज‍ित पवार का कड़ा विरोध किया था। इन्होंने शिकायत की थी कि जब अजित तत्कालीन वित्त मंत्री थे तो उन्होंने उनके लिए बजट रोक दिया था। यही वह कारण थे ज‍िसके चलते एमवीए सरकार और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने इन्‍हें बाहर निकलना पड़ा था।ब‍िना क‍िसी व‍िवाद के कैसे हुआ सब कुछ?
एनसीपी सूत्रों ने कहा कि अजित के गुट के आने और शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने से पहले ही व्यवस्था तैयार कर ली गई थी। सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली श‍िवसेना अजित के खेमे में आने के लिए जरूरी नए सत्ता-समीकरण पर सहमत हो गई है। इस बात पर जोर देते हुए कि सब कुछ सुचारू रूप से हो गया और इन दावों पर हंसते हुए कि कुछ भी अंतिम रूप नहीं दिया गया था और कुर्सी को लेकर खींचतान थी। एनसीपी सूत्रों ने पूछा क‍ि क्या आपको लगता है कि हमने इतना बड़ा फैसला लिया और बिना किसी झगड़े के एक नए गठबंधन में शामिल हो गए। इसमें शामिल सभी प्रासंगिक मुद्दे क्या हैं?

18 जुलाई को एनडीए की बैठक

दरअसल उन्होंने 18 जुलाई को दिल्ली में बुलाई गई एनडीए बैठक में एनसीपी की भागीदारी की भी पुष्टि की। अजीत और प्रफुल्ल पटेल एनसीपी का प्रतिनिधित्व करेंगे जो कि बीजेपी के साथ उनके गठबंधन को मजबूत करने का प्रतीक होगा। लेकिन आगे कैबिनेट विस्तार पर अनिश्चितता अभी भी जारी है। जहां सीएम शिंदे तत्काल विस्तार के इच्छुक हैं, वहीं बीजेपी का विचार है कि यह 17 जुलाई से शुरू होने वाले राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र के बाद होना चाहिए।

कुछ व‍िभागों के बंटवारे पर आज लगेगी मुहर
फडणवीस ने बुधवार को कहा था कि वित्त और योजना विभागों के आवंटन को लेकर विवाद है। वर्तमान में उनके पास मौजूद दोनों मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल कर लिया गया है। एनसीपी के एक नेता के अनुसार, यह प्रस्ताव कई बैठकों के बाद हुआ, जिसमें शिंदे, फड़नवीस और एनसीपी के अजित पवार, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल मौजूद थे। बीजेपी, शिवसेना और अजित के एनसीपी गुट के बीच कुछ अन्य विभागों के बंटवारे पर फैसला शुक्रवार को लिया जाएगा।

एनसीपी में जाने वाले व‍िभाग अभी क‍िसके पास?

सहकारिता विभाग वर्तमान में बीजेपी के अतुल सावे के पास है और कृषि विभाग शिवसेना के अब्दुल सत्तार के पास है। नेता ने कहा क‍ि विभागों का बंटवारा एक बार में नहीं किया जाएगा। सीएम कई विभाग अपने पास रखेंगे, ताकि जब भी कैबिनेट का और विस्तार हो तो वह मौजूदा कैबिनेट सदस्यों को परेशान किए बिना कुछ विभाग छोड़ दें। पार्टी की ओर से अजित को वित्त मंत्री के रूप में स्वीकार करने पर सहमति जताने पर सेना के एक विधायक ने कहा क‍ि हमने अजित पवार के विरोध में ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार छोड़ दी, इसलिए हमने सीएम से नए सिरे से विचार करने को कहा था।

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