नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में कौन-कौन सी 25 पार्टियां होंगी शामिल, पूरी लिस्ट देख लीजिए
संसद के नए भवन के उद्घाटन को लेकर विवाद बढ़ने के बीच 25 पार्टियों ने सरकार के समर्थन का ऐलान किया है। ये सभी 25 पार्टियां संसद भवन के उद्घाटन समारोह मे शामिल होंगी। इनमें से 7 पार्टियां सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रित गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। अब तक 21 विपक्षी दलों ने कहा है कि वे समारोह में शामिल नहीं होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 28 मई को संसद के नए भवन के उद्घाटन के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है और वे अपने विवेक के अनुसार फैसला करेंगे। उन्होंने बताया कि उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री संसद भवन के निर्माण में योगदान देने वाले 60,000 श्रमिकों (श्रम योगियों) को सम्मानित भी करेंगे।
कौन-कौन सी पार्टियां संसद के उद्घाटन में होंगी शामिल
एनडीए
- भारतीय जनता पार्टी
- शिवसेना (शिंदे गुट)
- नेशनल पीपुल्स पार्टी, मेघालय
- नेशलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी
- सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा
- जन नायक पार्टी
- एआईडीएमके
- आईएमकेएमके
- एजेएसयू
- आरपीआई
- मिजो नेशनल फ्रंट
- तमिम मनीला कांग्रेस
- आईटीएफटी (त्रिपुरा)
- बोडो पीपुल्स पार्टी
- पीएमके
- महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी
- अपना दल
- असम गण परिषद
गैर एनडीए पार्टियां
- लोक जनशक्ति पार्टी (पासवान)
- बीजू जनता दल
- बहुजन समाज पार्टी
- तेलगू देशम पार्टी
- अकाली दल
- जेडीएस
- नये संसद भवन के उद्घाटन को लेकर विपक्षी दलों का प्रधानमंत्री पर हमला जारी
- विपक्षी दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन को लेकर बृहस्पतिवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उनकी सरकार के अहंकार ने संसदीय प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है।प्रधानमंत्री मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। अब तक 21 विपक्षी दलों ने कहा है कि वे समारोह में शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के अहंकार ने संसदीय प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है। खरगे ने ट्वीट किया कि मोदी जी, संसद जनता द्वारा स्थापित लोकतंत्र का मंदिर है। राष्ट्रपति का पद संसद का प्रथम अंग है। आपकी सरकार के अहंकार ने संसदीय प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय जानना चाहते हैं कि भारत के राष्ट्रपति से संसद भवन के उद्घाटन का हक छीनकर आप क्या दिखाना चाहते हैं?



