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AIIMS, सफदरजंग समेत सरकारी अस्पतालों में आसान होगा OPD कार्ड बनाना! लग रहीं मशीनें

लंबी-लंबी लाइनें, बीमार के साथ तीमारदार भी परेशान। अब एम्स (AIIMS), सफदरजंग, आरएमएल समेत दिल्ली के बड़े-बड़े सरकारी अस्पतालों में ओपीडी कार्ड बनवाने के लिए लंबी-लंबी लाइनें नहीं लगानी पड़ेगी। दरअसल इन अस्पतालों में कियोस्क मशीनें लगने जा रही है। कई अस्पतालों में मशीन लगाने का काम शुरु हो चुका है। आरएमएल अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि कियोस्क मशीनें करीब 6 से 7 महीने पहले ही लग जानी थी। लेकिन किसी कारणवश इसमें देरी हो गई। लेकिन अब तेजी से काम चल रहा है और आने वाले कुछ ही दिनों में मशीनें काम करना शुरु कर देंगी। इसके अलावा एम्स, सफदरजंग, एलएनजेपी, जीटीबी, डीडीयू, दिल्ली स्टेट कैंसर अस्पताल, जीबी पंत, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, और चाचा नेहरू सहित 40 से ज्यादा अस्पतालों में कियोस्क मशीन लगाई जाएंगी।

खुद जनरेट कर सकेंगे टोकन

अस्पतालों में कार्ड के लिए लगने वाली लंबी लाइनों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी अस्पतालों में कियोस्क मशीन लगाने का फैसला किया। कियोस्क मशीनों की मदद से मरीज अब खुद अपनी जानकारी डालकर ओपीडी कार्ड का टोकन ले सकेंगे। सफदरजंग अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में यह सुवधा शुरू भी हो चुकी है। पिछले कुछ दिनों से यहां मरीज खुद ही टोकन ले रहे हैं। मरीज टोकन लेने के बाद स्क्रीन पर अपनी बारी का इंतजार करते हैं और नंबर आने के बाद काउंटर पर जाकर ओपीडी कार्ड लेते हैं।

जानें कैसे बनेगा ओपीडी कार्ड

आरएमएल अस्पताल में 8 कियोस्क मशीनें लगाई जा रही हैं। आरएमएल के सभी विभागों के ओपीडी ब्लॉक और पार्किंग के पास ये 6 मशीन लगाई जा रही हैं। इसी तरह एम्स और लेडी हार्डिंग अस्पतालों में भी यह सुविधा जल्द शुरू हो जाएगी। मशीनों की सहायता से मरीज को ओपीडी के रजिस्ट्रेशन में महज 2 से 4 मिनट का वक्त लगता है। इन मशीनों में मरीज का पूरा डिटेल भरा जाता है। मरीज का नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बीमारी के बारे में इस मशीन में जानकारी देते हैं। पंजीकरण हो जाने के बाद एक रसीद मरीज को मिलता है, जिससे वह ओपीडी कार्ड बनवा सके।

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