अतीक अहमद मामले से क्या मजबूत हुए योगी
बात 25 फरवरी की है। प्रयागराज में उमेशपाल की हत्या हो चुकी थी। हत्याकांड में अतीक अहमद के परिवार का नाम आ चुका था। योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर थी। यूपी विधानसभा का सत्र चल रहा था। सदन में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव की सीएम के साथ गरमा-गरमी हुई। फिर योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया, ‘इसी हाउस में कह रहा हूं, इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे… जितने भी माफिया हैं, उनको मिट्टी में मिलाने का काम करेंगे।’
उसी दिन से माना जाने लगा था कि अब ‘कुछ बड़ा’ होगा, लेकिन अतीक अहमद को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया, उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। कुछ वक्त के लिए तो सरकारी तंत्र भी हैरान था कि अतीक की हत्या के बाद उठे सवालों पर बचाव कैसे किया जाए? शायद कोई और सरकार होती तो उसके लिए मुश्किल खड़ी हो जाती, लेकिन इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़े वर्ग की जैसी प्रतिक्रिया दिखी, उसके मद्देनजर सरकार को किसी सवाल का जवाब नहीं देना पड़ा। वह आ




