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झारखण्ड में परिसीमन का JMM द्वारा विरोध, राजनीतिक सरगर्मी तेज.

रांची: झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने राज्य में होने वाले परिसीमन (Delimitation) का पुरजोर विरोध किया है, जिससे राज्य की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है।

JMM का मानना है कि परिसीमन से राज्य के आदिवासी और पिछड़े वर्गों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि परिसीमन के माध्यम से कुछ राजनीतिक दल अपने निहित स्वार्थों को साधने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे JMM किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि झारखण्ड की भौगोलिक और सामाजिक संरचना को ध्यान में रखते हुए परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत। JMM ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके एक न्यायसंगत समाधान निकालने का आग्रह किया है। पार्टी ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। परिसीमन एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से परिभाषित किया जाता है ताकि जनसंख्या का प्रतिनिधित्व उचित रूप से सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि, राजनीतिक दलों के बीच इसको लेकर अक्सर विवाद देखने को मिलते हैं। झारखण्ड में परिसीमन को लेकर JMM का विरोध इस मामले को और भी जटिल बना रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता और निष्पक्षता से निपटने की आवश्यकता है।

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