शादी के बाद बेटियां भूल गईं और रिटायरमेंट का पैसा लेकर पत्नी हुई गायब, शरीर में पड़ने लगे कीड़े तो फरिश्ता बन कर आया ‘वो’
कहते है कि खून का रिश्ता जब तार-तार हो जाय, तो समाज का ही कोई व्यक्ति फरिश्ता बनकर सामने आ जाता है। ऐसा ही वाक्या वर्ष 2001 में बोकारो इस्पात से अवकाश प्राप्त कर्मी इंद्रदेव प्रसाद के साथ देखने को मिला। इंद्रदेव प्रसाद की तीन बेटियां शादी के बाद अपनी अलग जिन्दगी में व्यस्त हो गईं और बुर्जुग पिता को पूरी तरह से भूल गईं। जबकि कुछ साल बाद उनकी पत्नी भी रिटायरमेंट का कुछ पैसा लेकर गायब हो गई। ऐसे में आसपास और समाज के लोगों ने मदद की। तीन बेटियों का संपन्न घरों में शादी करा कर जिम्मेदारी निभाईबोकारो इस्पात संयंत्र से 22 साल पहले रिटायर होने वाले इंद्रदेव प्रसाद के पड़ोसी बताते है कि उन्होंने अपनी तीनों बेटियों की अच्छे संपन्न घरों में शादी करा दी। आज उनकी तीनों बेटियां अपने घरों में सकुशल रह रही हैं। बेटियों के विवाह के बाद इंद्रदेव प्रसाद ने अपनी पत्नी के साथ बाकी जीवन को बेहतर तरीके से बिताने की सोची, लेकिन रिटायरमेंट के बाद उनके जीवन में अचानक एक भूचाल आ गया। अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर जिन्दगी भर साथ निभाने का वायदा करने वाली पत्नी रिटायरमेंट में इंद्रदेव प्रसाद को मिले पैसे को लेकर अचानक गायब हो गई। बेटियों की तो पहले ही घर से विदाई हो चुकी थी, लेकिन घर से गायब होने के बाद पत्नी भी कभी लौट कर वापस नहीं आई।




