
पहली बार करीबन 13 साल पहले इंडियन मार्केट में लॉन्च किया गया था. इसकी कीमत महज उस वक्त 18. 45 लाख रुपए से शुरू हुआ करता था. और आज एसयूवी की लोकप्रियता बढ़कर काफी हो गई है. देश के कई बड़े बड़े राजनेताओं ने भी इस एसयूवी में सफर करना पसंद करने लगे हैं.
किस कदर देश में एसयूवी का क्रेज बढ़ रहा है, इस बात के बिक्री के आंकड़े के गवाह है. इस सेगमेंट में तकरीबन हर वाहन निर्माता कंपनी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने लगी है. भारत में एसयूवी के अलग-अलग रूप जैसे मिनी, माइक्रो, कंपैक्ट मिड साइज देखने कोfortun मिल रहे हैं. स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल का कुछ यह बदलता स्वरूप नहीं बल्कि प्राइस रेस में अवल आने की जद्दोजहद मात्र है. एसयूवी की परिभाषा असल मायनों में इन सभी से बिल्कुल अलग है. जिसके कुछ वाहन खांचे हैं. और फिट बैठते हैं.
एसयूवी वाहनों की नई परिभाषा भी सरकार ने तय कर दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता हाल ही में 48वी वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक हुई, जबकि जीएसटी परिषद ने एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) की परिभाषा स्पष्ट करते हुए बताया. एक कार को स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन या एसयूवी तभी माना जाएगा वह चार शर्तों वाले मानदंडों को पूरी तरह से पूरा करेगा. अर्थात ऐसे वाहन जिनकी इंजन की क्षमता 1,500cc से ज्यादा है, लंबाई 4,000mm से ज्यादा है, और ग्राउंड क्लीयरेंस 170 मिमी या उससे ज्यादा है.



