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जब हम यहां आए थे तब…खत्म हुआ इंतजार, चुनाव के बीच एक बार फिर CAA की चर्चा

कई लोगों को लंबे इंतजार के बाद, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के तहत भारतीय नागरिकता मिल गई। बुधवार को 350 से अधिक लोगों को भारत का नागरिक बना दिया गया। यह नागरिकता 2019 में लागू हुए नए कानून (सीएए) के तहत दी गई है।

दिल्ली में 14 लोगों को सीधे तौर पर प्रमाण पत्र दिए गए,जबकि बाकी लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में डिजिटल रूप से प्रमाण प्रत्र मिला। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने एक विशेष समारोह में दिल्ली में 14 लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए। नागरिकता पाए लोगों के चेहरे पर खुशी थी और उनका कहना था कि भारतीय होना एक शानदार अहसास है। इससे एक नया जीवन मिला है। सूत्रों ने बताया कि भारत के चुनाव आयोग (ECI) को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान करने के बारे में सूचित किया गया था क्योंकि आदर्श आचार संहिता लागू थी।

अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक दिन

अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से सताए गए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता सीएए कानून के तहत नियमों को अधिसूचित किए जाने के करीब दो महीने बाद दी गई। भारत सरकार ने 11 मार्च 2024 को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2024 को अधिसूचित किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 मई, 2024 को ET को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था कि सीएए के तहत 25 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और नागरिकता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया जारी है। बुधवार को शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इसे ऐतिहासिक दिन बताया।

किस तरह पूरी हुई प्रक्रिया

जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा आवेदनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया, राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (एसएलईसी) द्वारा जांच के बाद नागरिकता प्रदान की गई। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो धर्म के आधार पर उत्पीड़न या ऐसे उत्पीड़न के डर से 31 दिसंबर, 2014 तक भारत में प्रवेश कर गए हैं। डाक विभाग के वरिष्ठ अधीक्षकों या डाक अधीक्षकों की अध्यक्षता में डीएलसी की ओर से दस्तावेजों के सफल सत्यापन के बाद आवेदकों को शपथ दिलाई गई।

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