झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के लालपुर स्थित प्रनामी हाइट्स में संचालित फिजिक्स वाला कोचिंग संस्थान के परिसर को सील करने की नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। अदालत ने नगर निगम की कार्रवाई को उचित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना। मामला कोचिंग संस्थान के परिसर को सील किए जाने से जुड़ा है। संस्थान लालपुर क्षेत्र के प्रनामी हाइट्स में संचालित हो रहा था। नगर निगम की ओर से परिसर को सील किया गया था। इससे पहले संस्थान को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब में संस्थान की ओर से अपना पक्ष रखा गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि जवाब मिलने के बाद उस पर विधिवत विचार किया जाना चाहिए था। अदालत के अनुसार सक्षम प्राधिकारी को जवाब पर कारणयुक्त आदेश पारित करना आवश्यक था। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। कोर्ट ने सीधे परिसर सील किए जाने को उचित कदम नहीं माना। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान सीलिंग की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। अदालत ने प्राकृतिक न्याय और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है। नोटिस के जवाब पर सक्षम अधिकारी को निर्णय भी लेना चाहिए। उस निर्णय में कार्रवाई के कारणों को स्पष्ट किया जाना जरूरी है। हाईकोर्ट ने इसी प्रक्रिया को प्रशासनिक कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना। अदालत की टिप्पणी के बाद नगर निगम की कार्रवाई पर कानूनी सवाल खड़े हुए हैं। मामले में शो-कॉज के जवाब पर निर्णय की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कोर्ट ने कहा कि जवाब को नजरअंदाज कर सीधे सीलिंग करना उचित नहीं है। ऐसी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। अदालत ने प्रशासनिक निर्णय में पारदर्शिता की आवश्यकता बताई। कारणयुक्त आदेश से संबंधित पक्ष को निर्णय का आधार पता चलता है। हाईकोर्ट की टिप्पणी इसी कानूनी प्रक्रिया पर केंद्रित रही। मामले में अदालत ने कार्रवाई के तरीके पर आपत्ति दर्ज की। परिसर सील करने से पहले जवाब पर निर्णय लेना जरूरी बताया गया। इस आदेश के बाद नगर निगम की प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। मामले से प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रक्रिया का पालन करने का संदेश भी गया है।



