रांची स्थित RSS कार्यालय पर बम से हमला करने के मामले में ED ने कार्रवाई शुरू की है। दिल्ली ED की टीम झारखंड समेत चार राज्यों में छापेमारी कर रही है। एजेंसी लोहरदगा, दिल्ली, बिहार और कर्नाटक के पांच ठिकानों पर जांच कर रही है। यह कार्रवाई मामले में सामने आए कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर की जा रही है। ED ने NIA की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ECIR दर्ज किया है। इसके बाद एजेंसी ने मनी ट्रेल से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की है। NIA इस मामले की पहले से जांच कर रही थी। जांच के दौरान हमले में शामिल आरोपियों के बीच बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन के सबूत मिलने की बात सामने आई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ED ने मामले को अपनी जांच के दायरे में लिया है। फिलहाल पांच ठिकानों पर ED की कार्रवाई जारी है।
RSS कार्यालय पर हुए बम हमले के मामले की जांच पहले NIA को सौंपी गई थी। NIA ने मामले से जुड़े आरोपियों और उनके संपर्कों की पड़ताल की थी। जांच के दौरान कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आई। एजेंसी को आरोपियों के बीच पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मिलने की बात कही गई है। इसके बाद वित्तीय पहलू की जांच के लिए ED सक्रिय हुई। दिल्ली ED ने मामले में ECIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है। छापेमारी के दौरान एजेंसी संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। कार्रवाई का उद्देश्य कथित धन के स्रोत और लेन-देन की कड़ी को समझना है। जांच में संबंधित लोगों और उनके वित्तीय संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। ED की यह कार्रवाई NIA की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
फिलहाल ED की टीम पांच अलग-अलग ठिकानों पर जांच कर रही है। इनमें झारखंड का लोहरदगा जिला भी शामिल है। इसके अलावा दिल्ली, बिहार और कर्नाटक में भी कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं। ED यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर धन का लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ। साथ ही इस धन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है। NIA की प्राथमिकी इस जांच का आधार बनी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी। फिलहाल विभिन्न स्थानों पर ED की छापेमारी जारी है।



