रांची में JSSC-CGL भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में अदालत ने दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी की याचिकाओं पर फैसला सुनाया। दोनों आरोपी मामले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी के परिजन हैं। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को फिलहाल राहत नहीं मिली है। इससे पहले दोनों पक्षों की ओर से अदालत में दलीलें पेश की गई थीं। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमितेश कुमार और सचिन कुमार ने पक्ष रखा था। इसके बाद अदालत ने दोनों जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुनाया। मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
CID ने सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को अगस्त में गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी JSSC-CGL भर्ती फर्जीवाड़ा मामले की जांच के दौरान हुई थी। जांच एजेंसी ने दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी। पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई गई थी। दोनों आरोपियों ने 28 अगस्त को अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी। याचिका के माध्यम से उन्होंने न्यायिक हिरासत से राहत देने की मांग की थी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत का विरोध किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार किया। इसके बाद फैसला सुनाते हुए दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी। फिलहाल दोनों आरोपियों को अदालत से जमानत नहीं मिल सकी है।
JSSC-CGL मामले में अभय तिवारी की भूमिका को लेकर भी CID की जांच चल रही है। अभय तिवारी गोड्डा जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग में पदस्थापित था। वह परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर भी काम कर चुका था। जांच के अनुसार, TDPL में रहते हुए उसने JPSC और JSSC की कई परीक्षाएं पास की थीं। CID उसके संपर्कों और परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, अभय तिवारी पर अपने परिजनों समेत अन्य लोगों को कथित तौर पर अनुचित लाभ दिलाने का आरोप है। इसी मामले में उसकी पत्नी और भाई की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को जमानत नहीं मिली है।



