सरायकेला-खरसावां जिले के आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित आसंगी चेक डैम में रविवार को एक छात्र के डूबने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। डूबने वाले छात्र की पहचान राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के मेटलर्जी विभाग के छात्र मीर हसन के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र अपने कुछ साथियों के साथ चेक डैम पर घूमने और नहाने गया था। सभी छात्र पानी में उतरकर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान मीर हसन अचानक गहरे पानी की ओर चला गया। साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह पानी में डूब गया। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही आरआईटी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने खोज अभियान तेज कर दिया। पुलिस ने छात्र की तलाश के लिए स्थानीय संसाधनों की मदद ली। बाद में एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। एनडीआरएफ के जवानों ने चेक डैम में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पानी की गहराई और परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी के साथ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस छात्र के साथ मौजूद उसके साथियों से भी घटना की जानकारी ले रही है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। प्रशासन लगातार बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल खोज अभियान लगातार जारी है।
घटना के बाद छात्र के साथियों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से गहरे पानी वाले स्थानों पर नहीं जाने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि चेक डैम और नदी जैसे स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। बिना सुरक्षा व्यवस्था के गहरे पानी में उतरना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों से सावधानी बरतने और चेतावनी संकेतों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि मानसून के दौरान जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे स्थानों पर नहाने या तैरने से बचना चाहिए। पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। छात्र की तलाश पूरी होने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।



