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रांची में पहली बार सजेगा डूरंड कप फुटबॉल महाकुंभ.

तैयारियों की समीक्षा बैठक में विभागों को निर्देश दिए.

रांची में पहली बार आयोजित होने जा रहे डूरंड कप 2026 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। देश के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में शामिल इस प्रतियोगिता का आयोजन 26 जुलाई से 16 अगस्त तक किया जाएगा। सभी मुकाबले मोराबादी स्थित बिरसा मुण्डा फुटबॉल स्टेडियम में खेले जाएंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में धुर्वा स्थित एफएफपी बिल्डिंग में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। सचिव ने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी तैयारियों की जानकारी भी साझा की।

बैठक में खिलाड़ियों और अतिथियों के आवास, सुरक्षा तथा अन्य सुविधाओं पर विशेष चर्चा की गई। सचिव ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। स्टेडियम ब्रांडिंग और आयोजन स्थल की साज-सज्जा को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। मैचों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। रांची नगर निगम को स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस विभाग को यातायात और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने का दायित्व सौंपा गया। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।

डूरंड कप 2026 को लेकर आम लोगों में उत्साह बढ़ाने के लिए 18 जुलाई को ट्रॉफी टूर का आयोजन किया जाएगा। भारतीय थल सेना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ट्रॉफी को रांची के विभिन्न प्रमुख मार्गों से ले जाया जाएगा। इससे लोगों को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन को राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इससे झारखंड में फुटबॉल संस्कृति को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी यह आयोजन सहायक साबित हो सकता है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रतियोगिता से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। विभिन्न विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। अब सभी की नजरें सफल आयोजन पर टिकी हुई हैं। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

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