वर्ष 2024 में तकनीकी जांच के दौरान पुराने फोरलेन पुल की जांच हुई। जांच में पुल में गंभीर संरचनात्मक कमजोरियां पाई गईं। इसके बाद सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। प्रशासन ने पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया। पुराने पुल को तत्काल बंद कर दिया गया। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई। सभी वाहनों को दूसरे पुल से गुजरने का निर्देश दिया गया। संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। सुरक्षा उपायों को भी मजबूत किया गया है।
पुराने पुल के बंद होने के बाद दो लेन वाले वैकल्पिक पुल का उपयोग शुरू हुआ। इसी पुल से छोटे और बड़े सभी वाहन गुजर रहे हैं। एक ही पुल पर अधिक दबाव पड़ रहा है। इसके कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता है। भारी वाहनों के समय समस्या और बढ़ जाती है। यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। परिवहन कार्य में अतिरिक्त समय लग रहा है। स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
एनएच-18 जमशेदपुर को रांची, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से जोड़ता है। यह मार्ग औद्योगिक परिवहन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। एनएचएआई परियोजना की निगरानी कर रहा है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पहले ही तैयार की जा चुकी है। निर्माण स्थल पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। रंबल स्ट्रिप और अन्य संकेतक भी लगाए गए हैं। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नया फोरलेन पुल बनने के बाद यातायात सामान्य हो जाएगा। जाम की समस्या काफी कम होगी। यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।


