रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शैक्षणिक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना और आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पारदर्शिता के साथ कार्य करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी रिक्त पदों को जल्द भरना सरकार की प्राथमिकता है। नव नियुक्त शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में ड्रॉप आउट मामलों में लगातार सुधार हो रहा है। झारखंड इस मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विभाग द्वारा अभियान चलाकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों का दोबारा नामांकन कराया जा रहा है। श्रम विभाग के साथ समन्वय कर मजदूरी करने वाले बच्चों की पहचान भी की जा रही है। किताब, पठन सामग्री और साइकिल वितरण का कार्य समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने अधिकारियों को सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही आईसीटी लैब को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम कमजोर है वहां विशेष ध्यान दिया जाए। शिक्षकों के प्रशिक्षण और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर भी चर्चा की गई। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता बताई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था में एकरूपता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर पांच हजार करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगले छह से आठ महीने में कोई भी विद्यालय सिंगल टीचर के भरोसे नहीं चलना चाहिए। विद्यालय प्रबंधन समितियों के सहयोग से स्थानीय योग्य युवाओं को शिक्षक के रूप में जोड़ने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को भी शिक्षण कार्य में अवसर देने की बात कही। बैठक में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ाना जरूरी है। राज्य में संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में अभिवंचित बच्चों को आवासीय सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के निर्देश दिए गए। प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की स्थापना के लिए एक सप्ताह के भीतर डीपीआर प्रस्तुत करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसरों में वृक्षारोपण अभियान चलाने का निर्देश भी दिया। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।



