झारखंड में भीषण गर्मी के कारण बिजली संकट गहराता जा रहा है। रांची समेत कई जिलों में इसका असर देखा जा रहा है। तापमान बढ़ने से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे विभाग पर दबाव बढ़ गया है। रांची के हरमू पावर सब-स्टेशन में तकनीकी समस्या आई है। बोरिंग फेल होने से अर्थिंग सिस्टम प्रभावित हुआ है। इससे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। विभाग पानी लाकर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है। यह समस्या लगातार बनी हुई है।
राज्य में बिजली की मांग 2200 मेगावाट तक पहुंच गई है। वहीं आपूर्ति 1900 से 2000 मेगावाट के बीच है। इससे करीब 300 मेगावाट की कमी हो रही है। रांची में दिन के समय 500 मेगावाट की मांग दर्ज की गई है। पीक समय में यह 550 मेगावाट तक पहुंच रही है। शाम के समय बिजली आपूर्ति सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। कई इलाकों में कटौती की जा रही है। लोग गर्मी में परेशान हैं।
स्थिति को देखते हुए JBVNL ने सख्त कदम उठाए हैं। सभी फील्ड अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। उन्हें अपने क्षेत्र में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। खूंटी और लोहरदगा में तीन दिनों से कटौती जारी है। प्रेषण केंद्र ने 200 मेगावाट की कमी की जानकारी दी है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। आने वाले दिनों में सुधार की उम्मीद है।



