
रांची में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया। पिछले चौबीस घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। कई जगहों पर गरज के साथ तेज बौछारें दर्ज की गईं। राजधानी रांची समेत कई जिलों में ओलावृष्टि की भी खबर सामने आई। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की घटनाएं हुईं। ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश का अनुमान जताया था। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद कई जगह लोग खुले में फंस गए। इससे जनजीवन पर असर साफ देखा गया।
इस दौरान तेज तूफान और वज्रपात ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। अलग-अलग जिलों में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। राहत और सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कई इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज हुईं। मौसम विभाग ने इसे सामान्य प्री-मानसून गतिविधि बताया है। अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो गोड्डा में सबसे अधिक 32.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। गिरिडीह में 25.2 मिमी और मोहनपुर में 23.8 मिमी बारिश हुई। बोकारो में 23.0 मिमी और मुसाबनी में 22.8 मिमी वर्षा दर्ज हुई। धालभूमगढ़ में 20.8 मिमी बारिश हुई है। रामगढ़ में 19.4 मिमी और हजारीबाग में 17.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नवाडीह में 17.4 मिमी और तेनुघाट में 17.2 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने आगे भी हल्की बारिश की संभावना जताई है। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव जारी रह सकता है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


