चाईबासा में हुए सुभाष बानरा हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साए देवगम और गोविन्द मुनदुइया के रूप में हुई है। दोनों अलग-अलग गांवों के निवासी हैं। इस मामले की जानकारी एसडीपीओ वहामन टूटीं ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की थी। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हुई। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।
28 मार्च को आचु पावर ग्रिड के पास सड़क किनारे शव बरामद हुआ था। मृतक सुभाष बानरा पांडरासाली क्षेत्र का रहने वाला था। शव मिलने के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतक के पिता मुकुन्द बानरा ने लिखित आवेदन दिया। आवेदन के आधार पर मुफस्सिल थाना में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई। मोबाइल और अन्य तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया। इसी प्रक्रिया में आरोपी पुलिस के पकड़ में आए।
पूछताछ में आरोपी ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि लेनदेन विवाद के कारण घटना हुई। पुलिस जांच में पांच अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। इसके बाद गोविन्द मुनदुइया को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। छापेमारी अभियान लगातार चलाया गया। पुलिस टीम ने कई स्थानों पर दबिश दी। अभियान में एसडीपीओ सहित कई अधिकारी शामिल रहे। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने जल्द मामले का पूर्ण खुलासा करने की बात कही है।



