झारखंड की राजधानी रांची के रिम्स अस्पताल से मरीजों के लिए अच्छी खबर आई है। अस्पताल में अब अधिकांश जांच एक ही स्थान पर की जा सकेंगी। इससे मरीजों को निजी लैब के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पहले जरूरी जांचों के लिए बाहर जाना मजबूरी थी। कई मरीज आर्थिक कारणों से जांच नहीं करा पाते थे। नई सुविधा से इलाज आसान और सस्ता होगा। अस्पताल प्रशासन ने जांच सेवाओं को आधुनिक बनाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। इससे अस्पताल पर भरोसा भी बढ़ेगा।
ट्रॉमा सेंटर लैब पहले से चौबीस घंटे कार्यरत है। यहां जांच रिपोर्ट कुछ ही घंटों में मिल जाती है। अब लैब में नई तकनीक जोड़ी जा रही है। कई महंगी जांचें अब रिम्स में ही होंगी। इससे गंभीर बीमारियों का समय पर पता चल सकेगा। डॉक्टर तुरंत इलाज शुरू कर पाएंगे। जांच प्रक्रिया को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इससे रिपोर्ट प्रबंधन आसान होगा। मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल की सेवा क्षमता में बड़ा सुधार होगा।
नई जांचों में कैंसर और हार्मोन से संबंधित टेस्ट शामिल हैं। CA-125 और CA-19-9 जांच कैंसर पहचान में मदद करेंगी। एंटी-TPO और एंटी-CCP टेस्ट थायराइड और गठिया रोग पहचानेंगे। यूरिन प्रोटीन और आरएफ जांच भी शुरू की जा रही है। इससे किडनी और ऑटोइम्यून बीमारियों की पहचान संभव होगी। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को मुफ्त सुविधा मिलेगी। बीपीएल मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा। इलाज की प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनेगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी। रिम्स राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



