झारखंड में इन दिनों फर्जी ई-मेल से बम धमकियों का सिलसिला जारी है। सिविल कोर्ट और कई महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। हर धमकी के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ जाता है। कोर्ट परिसरों में अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। पुलिस और बम निरोधक दस्ता तुरंत जांच शुरू करते हैं। घंटों तलाशी अभियान चलाया जाता है। बाद में हर मामला फर्जी साबित हो रहा है।
बार-बार मिल रही धमकियों ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। अदालतों का कामकाज भी कई बार प्रभावित हुआ है। रांची, धनबाद, बोकारो, जामताड़ा और जमशेदपुर में ऐसे मामले सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियां हर बार जांच करती हैं। लेकिन अब तक किसी आरोपी तक पहुंच नहीं हो सकी है। इससे पुलिस की साइबर क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
साइबर अपराध रोकने के लिए करोड़ों खर्च होने का दावा किया जाता है। इसके बावजूद धमकी भेजने वाले पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। तकनीकी स्तर पर ईमेल स्रोत की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। फिलहाल धमकियां जारी हैं और जांच भी जारी है। लेकिन ठोस परिणाम अभी सामने नहीं आया है।



