झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शहर में चिन्हित अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। लंबे समय से लंबित कार्रवाई पर अदालत ने नाराजगी जताई।
हाईकोर्ट ने जमशेदपुर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 24 प्रमुख अवैध इमारतों को एक महीने के भीतर ध्वस्त करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि जिन भवनों में नक्शे से अलग निर्माण हुआ है, उन्हें हटाना अनिवार्य है। बिना अनुमति बने ढांचों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। JNAC के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर को व्यक्तिगत जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के पालन में लापरवाही को अवमानना माना जाएगा।
कोर्ट ने नगर विकास सचिव, उपायुक्त और एसएसपी को आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए हैं। ध्वस्तीकरण के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाएगी। अदालत ने पूर्व में दिए गए सभी अंतरिम आदेश रद्द कर दिए हैं। इससे कार्रवाई में आ रही बाधाएं समाप्त हो गई हैं। अब प्रशासन के लिए रास्ता साफ हो गया है। शहर में अवैध निर्माण पर जल्द बुलडोजर चलने की संभावना है।


