कोयला घोटाले से जुड़े मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। SKS Ispat and Power Limited को दोषी ठहराया गया है। कंपनी पर आर्थिक दंड लगाया गया है। अधिकारियों को जेल की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने कहा कि कंपनी ने जानबूझकर गलत सूचनाएं दीं। कोल ब्लॉक पाने के लिए तथ्य छुपाए गए। इससे सरकारी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा। यह कृत्य कानूनन अपराध है।
सीबीआई की जांच को अदालत ने विश्वसनीय माना। आरोप पत्र में दिए गए तथ्यों को सही ठहराया गया। फैसला आर्थिक अपराधों के खिलाफ चेतावनी है। भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक की उम्मीद जताई गई है।



