देश में बच्चों के लापता होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह स्थिति पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। वर्ष 2022 में 18 वर्ष से कम उम्र के 1,27,874 बच्चे लापता हुए। इसका मतलब है कि प्रतिदिन औसतन 350 बच्चे गुम हो रहे हैं।
इन आंकड़ों के बीच कुछ राहत भी सामने आई है। इस दौरान 80,561 बच्चों की सकुशल बरामदगी की गई। फिर भी बड़ी संख्या में बच्चे अब तक नहीं मिल पाए हैं। लगभग 47,313 बच्चे अभी भी लापता हैं। यह स्थिति हजारों परिवारों के लिए पीड़ा का कारण बनी हुई है।
झारखंड की बात करें तो राज्य देश में 20वें स्थान पर है। यहां 748 बच्चे लापता हुए हैं। इनमें से 335 बच्चों को सुरक्षित बरामद किया गया। विशेषज्ञ मानते हैं कि तस्करी और शोषण बड़ी वजह हैं।



