राज्य के भू-राजस्व विभाग के मुताबिक, अब तक 1,151 आवेदन उपायुक्त कार्यालयों में दायर किए गए हैं। यह रिपोर्ट 7 नवंबर 2025 तक की स्थिति को दर्शाती है।
इनमें से 423 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 448 आवेदन अभी भी लंबित हैं। विभाग ने बताया कि कई जिलों में आवेदन की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उपायुक्त कार्यालयों में फाइलों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।
सीएनटी एक्ट की धारा 49 के तहत अनुसूचित जनजातियों की भूमि हस्तांतरण से पहले अनुमति आवश्यक होती है। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय की भूमि सुरक्षा सुनिश्चित करना है। केवल सार्वजनिक उद्देश्य या विकास परियोजनाओं के लिए ही ऐसे हस्तांतरण की अनुमति दी जाती है। विभाग ने कहा है कि ऑनलाइन फाइलिंग प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने पर काम जारी है।



