छेवेल्ला बस दुर्घटना में ब्रेक लगाने के तरीके और टिपर की ओवरलोडिंग पर जाँच
हैदराबाद, तेलंगाना: तेलंगाना के छेवेल्ला बस दुर्घटना की जाँच कर रही एजेंसियाँ अब अपना ध्यान ब्रेक के प्रयोग (Application of Brakes) और दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित कर रही हैं।
यह भीषण हादसा, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई थी, के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए गहन तकनीकी और फोरेंसिक जाँच चल रही है। जाँचकर्ता दुर्घटना के हर संभावित कोण की पड़ताल कर रहे हैं।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, टिपर ट्रक बजरी से ओवरलोड था और तेज गति से चल रहा था। शुरुआती जाँच में यह आशंका जताई गई है कि टिपर ट्रक चालक ने दायाँ मोड़ (Right Turn) लेते समय तेज गति और भारी लोड के कारण वाहन पर नियंत्रण खो दिया। ऐसी स्थिति में अचानक या गलत तरीके से ब्रेक लगाना भी दुर्घटना का एक प्रमुख कारण बन सकता है। एजेंसियाँ इस बात की जाँच कर रही हैं कि टक्कर से ठीक पहले चालक ने ब्रेक का इस्तेमाल किस तरह और कितनी तेजी से किया।
जाँच एजेंसियों ने दोनों वाहनों के टायर के निशान, सड़क की स्थिति और ब्रेकिंग सिस्टम के डेटा का विश्लेषण करना शुरू कर दिया है। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के अलावा, ब्रेक लगाने की तकनीक भी यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण है कि टक्कर क्यों हुई। इस दुर्घटना में लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए जवाबदेही तय करने हेतु जाँच जारी है।


