पर्वतगिरी, तेलंगाना: तेलंगाना के पर्वतगिरी गाँव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ द्वारा अपने बेटे को किडनी दान किए जाने के बावजूद, बेटे की जान नहीं बचाई जा सकी। बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। यह मामला दिखाता है कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में अंग दान के बाद भी जोखिम बना रहता है और स्वास्थ्य प्रबंधन का महत्व कितना अधिक है।
मृतक पिछले कुछ समय से गंभीर किडनी रोग से जूझ रहा था, जिसके चलते किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता थी। अपने बेटे की जान बचाने के लिए उसकी माँ ने महान त्याग का परिचय देते हुए अपनी किडनी दान करने का फैसला किया। ट्रांसप्लांट सर्जरी सफल रही थी, जिससे परिवार और चिकित्सकों को ठीक होने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, जटिलताओं के कारण मरीज की स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद, चिकित्सकों ने लोगों को गुर्दे की बीमारियों और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए महत्वपूर्ण सलाह दी है। डॉक्टरों ने जोर देकर कहा है कि लोगों को रक्तचाप (BP) और मधुमेह (Diabetes) को हमेशा नियंत्रण में रखना चाहिए, क्योंकि ये दोनों किडनी फेल्योर के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, धूम्रपान, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। चिकित्सकों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जाँच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की भी सलाह दी है।



