जहाँ स्कूल की छुट्टी होने के बाद एक बच्चा कक्षा के अंदर बंद पाया गया। यह घटना तब हुई जब स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों ने बिना ठीक से जाँच किए ही कक्षाओं में ताला लगा दिया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पास के व्यापारियों ने उसे बचाया, जिससे एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। यह घटना स्कूल की सुरक्षा और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
घटना शाम को हुई जब स्कूल बंद हो चुका था। बच्चा शायद क्लास में सो गया था या किसी कोने में बैठा था, जिसे स्कूल स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया और कक्षा को बाहर से बंद कर दिया। कक्षा में खुद को अकेला और अंधेरे में पाकर बच्चा डर के मारे रोने लगा। पास की दुकानों के कुछ व्यापारियों ने रोने की आवाज सुनी और जाँच करने के लिए स्कूल परिसर की ओर भागे। व्यापारियों ने टूटी हुई खिड़की या रोशनदान से अंदर देखा और बच्चे को बंद पाया, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस और स्कूल प्रबंधन को सूचित किया।
व्यापारियों और पुलिस की मदद से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। बच्चे के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद, स्थानीय शिक्षा विभाग ने स्कूल के खिलाफ जाँच के आदेश दिए हैं। यह स्पष्ट है कि स्कूल के कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जाँच पूरी होने के बाद लापरवाह कर्मचारियों और प्रबंधन के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



