इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है, और मानव-पशु संघर्ष का मामला एक बार फिर गर्म हो गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब 3:00 बजे वाटर पाल ओमैयंडी मुडक्कू रिहायशी इलाके में हुआ। असला (55) अपनी पोती हेमाश्री (3) के साथ घर में सो रही थीं, जब हाथी ने मुख्य दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। हाथी के हमले में दादी और पोती दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए वालपराई सरकारी अस्पताल भेज दिया।
अधिकारियों ने बताया कि जंगली हाथी अक्सर भोजन की तलाश में जंगलों से निकलकर रिहायशी और चाय बागानों वाले इलाकों में घुस आते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है। हाथियों के झुंड को जंगल में वापस भेजने के लिए वन विभाग के कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। निवासियों ने विभाग से हाथियों की आवाजाही को रोकने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि यह इलाका हाथी गलियारे के करीब पड़ता है। वन विभाग की शुरुआती जाँच से पता चला है कि इस हाथी ने कुछ महीने पहले भी इसी क्षेत्र में एक विदेशी पर्यटक को कुचलकर मार डाला था।



