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भारत 6जी विकास में एआई स्पेक्ट्रम मानकों पर नोकिया जोर देता.

नई दिल्ली, भारत: नोकिया (Nokia) के उलरिक ड्रॉपमैन (Ulrich Dropmann) ने भारत के 6G (सिक्स्थ जनरेशन) रोलआउट की दिशा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI),

स्पेक्ट्रम विस्तार और वैश्विक मानकों (Global Standards) के महत्व पर जोर दिया है। उनका मानना है कि भारत को भविष्य के लिए तैयार और निर्बाध (Seamless) कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए इन तीनों पहलुओं के बीच संतुलन बनाना होगा। यह दूरसंचार (Telecom) क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन है।

उलरिक ड्रॉपमैन ने कहा कि 6G नेटवर्क की अभूतपूर्व गति और क्षमता को साकार करने के लिए पर्याप्त स्पेक्ट्रम का आवंटन सबसे पहला कदम है। इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को नेटवर्क प्रबंधन और ऑप्टिमाइजेशन में गहराई से एकीकृत करना होगा ताकि नेटवर्क की दक्षता बढ़ाई जा सके। एआई-चालित नेटवर्क स्व-मरम्मत और स्व-अनुकूलन करने में सक्षम होंगे, जिससे संचालन लागत कम होगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक मानकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। वैश्विक मानक यह सुनिश्चित करते हैं कि भारतीय 6G तकनीक दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ संगत (Compatible) हो, जिससे उपकरणों का उत्पादन और निर्यात आसान हो सके।

नोकिया के इस वरिष्ठ अधिकारी का बयान भारत के दूरसंचार विभाग और उद्योग जगत के लिए एक रणनीतिक रोडमैप की तरह है। भारत सरकार ने 6G तकनीक पर शोध और विकास के लिए पहले ही कई पहलें शुरू कर दी हैं। इन तकनीकी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करके, भारत डिजिटल क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभर सकता है।

 

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