बेलगावी, कर्नाटक: पूर्व सांसद रमेश कट्टी के नेतृत्व वाले ‘स्वाभिमानी पैनल’ ने हुक्केरी ग्रामीण बिजली सहकारी सोसायटी के बेहद प्रतिस्पर्धी चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। इस जीत ने राजनीतिक रूप से शक्तिशाली जारकीहोली बंधुओं और पूर्व सांसद अन्नासाहेब जोल्ले के लिए भारी शर्मिंदगी पैदा की है।
कट्टी पैनल ने ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ की भावना पर सवार होकर रविवार को हुए चुनाव की सभी 15 सीटों पर जीत दर्ज की। परिणाम रविवार देर रात घोषित हुए। यह चुनाव, जो सामान्य परिस्थितियों में महत्वहीन हो सकता था, जारकीहोली परिवार के प्रवेश के कारण पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जारकीहोली परिवार में तीन विधायक (सतीश, बालचंद्र और रमेश), एक एमएलसी (लखन) और एक सांसद (प्रियंका) हैं। राजनीतिक रूप से यह परिवार कांग्रेस और भाजपा दोनों में रणनीतिक रूप से फैला हुआ है, ताकि किसी भी पार्टी के सत्ता में आने पर एक मंत्री बन सके और बेलगावी जिले के प्रशासन पर अपनी पकड़ बनाए रखे। जारकीहोली बंधुओं ने कट्टी परिवार पर शक्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए चुनाव में प्रवेश किया था, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह 2028 विधानसभा चुनावों में सतीश के बेटे राहुल को हुक्केरी से मैदान में उतारने की योजना का हिस्सा था। रमेश कट्टी ने जारकीहोली को बाहरी के रूप में पेश किया और ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ की कहानी बनाने में सफल रहे।


