छत्तीसगढ़ के कांकेर गाँव के परधी समुदाय के घर बिना दरवाज़े के.
गरीबी से लड़ते हैं चोरों से नहीं.
कांकेर, छत्तीसगढ़: महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर गाँव में घरों में दरवाज़े नहीं होते, जो लोगों की आस्था को दर्शाते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के कांकेर गाँव में रहने वाले परधी समुदाय के लिए, दरवाज़ों का न होना एक कठोर सच्चाई है, जो उनके जीवन के संघर्ष को बयां करता है। यह समुदाय अपनी गरीबी से लड़ रहा है, चोरों से नहीं।
परधीपारा नामक इस गाँव में, दरवाज़ों का न होना उनकी गरीबी का प्रतीक है। उनके पास घर बनाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है, और इसलिए वे बिना दरवाज़ों के घरों में रहते हैं। उनका मानना है कि जब उनके पास चोरी करने लायक कुछ है ही नहीं, तो चोरों से डरने की क्या जरूरत है। वे अपनी जिंदगी में कड़ी मेहनत करके गरीबी से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।
यह स्थिति सरकारी योजनाओं और विकास की कमी को भी उजागर करती है। सरकार को इन समुदायों के उत्थान के लिए कदम उठाने चाहिए, ताकि उन्हें भी एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन मिल सके।



