दिल्ली में बिहारी प्रवासी मतदाता पुनरीक्षण को लेकर मतभेद में बंटे।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बसे बिहार के प्रवासियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा चल रहे गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ लोग जहां इस प्रक्रिया के लिए दिए गए समय को अपर्याप्त बता रहे हैं, वहीं अन्य इसे मतदाता सूची से ‘विदेशी नागरिकों’ को हटाने का सही कदम मान रहे हैं।
कुछ प्रवासी मतदाताओं का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए दिया गया समय पर्याप्त नहीं है। दिल्ली जैसे बड़े शहर में, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी रहते हैं और अक्सर निवास स्थान बदलते रहते हैं, उनके लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने विवरण अपडेट करना या नए पंजीकरण के लिए आवेदन करना मुश्किल हो रहा है। इससे उन्हें लगता है कि कहीं वे अपने मताधिकार से वंचित न रह जाएं।
हालांकि, कुछ अन्य प्रवासियों का तर्क है कि यह अभियान एक सही कदम है, खासकर मतदाता सूची से उन लोगों को हटाने के लिए जो भारतीय नागरिक नहीं हैं या अवैध रूप से रह रहे हैं। उनका मानना है कि एक स्वच्छ और सटीक मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया की अखंडता के लिए आवश्यक है। यह विभाजन दर्शाता है कि जहां कुछ लोग प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वहीं अन्य चुनावी सुधारों के महत्व को समझते हैं। चुनाव आयोग को इस प्रक्रिया को सहज बनाने और सभी योग्य मतदाताओं को शामिल करने के लिए अतिरिक्त उपाय करने होंगे।



