देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड के जंगलों में एक बाघ को पकड़ने का एक महीने से अधिक समय से चल रहा अभियान अब तक विफल रहा है। यह बाघ लगातार ट्रैकिंग टीमों को चकमा देने में कामयाब रहा है, जिससे वन विभाग और स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। चिंता इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि यह बाघ अब मानव बस्तियों में भी घुसपैठ कर रहा है, जिससे सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है।
वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग की टीमों ने इस बाघ को पकड़ने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई है, जिसमें ट्रैकिंग, जाल बिछाना और निगरानी शामिल है। हालांकि, बाघ की चालाकी और घने जंगल ने अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस बाघ के मानव बस्तियों में घूमने से लोगों में दहशत का माहौल है, क्योंकि इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अंधेरे में अकेले बाहर न निकलने की अपील की है।
वन विभाग इस बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यह घटना दर्शाती है कि बढ़ती मानव आबादी और सिकुड़ते वन्यजीव आवासों के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर चुनौती बन रहा है।



