आयोग ने स्पष्ट किया है कि “भारत का संविधान सर्वोच्च है”, और उसके फैसले संवैधानिक सिद्धांतों पर आधारित होते हैं।
विपक्ष ने बिहार में लागू किए जा रहे SIR (Systematic Inquiry Register) को लेकर कई सवाल उठाए थे, लेकिन चुनाव आयोग ने इन चिंताओं को खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने कहा कि SIR बिहार में प्रत्येक मतदाता की पात्रता को सत्यापित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है। यह रजिस्टर मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने और फर्जी मतदाताओं को हटाने में मदद करेगा, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें।
चुनाव आयोग ने दोहराया कि उसका कार्य संवैधानिक प्रावधानों के तहत चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करना है। आयोग ने सभी हितधारकों से प्रक्रिया में सहयोग करने और किसी भी भ्रामक जानकारी से बचने का आग्रह किया है।



