रेलवे घटनाओं को रोकने के लिए चला रहा जागरूकता अभियान.
इन वारदातों से यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँच रहा है।
इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए रेलवे अब जागरूकता अभियान चला रहा है।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिरीक्षक (आईजी) राजीव कुमार यादव ने बताया कि ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण यह है कि कई लोगों ने रेलवे पटरियों के करीब अपनी बस्तियां विकसित कर ली हैं। अक्सर बच्चे या असामाजिक तत्व इन्हीं बस्तियों से पत्थर फेंकते हैं, जो तेज रफ्तार ट्रेनों के यात्रियों या शीशों को निशाना बनाते हैं। यह न केवल यात्रियों के लिए जानलेवा हो सकता है, बल्कि इससे ट्रेन संचालन में भी बाधा आती है। आरपीएफ ने इन संवेदनशील इलाकों की पहचान की है और वहां निगरानी बढ़ा दी है।
रेलवे अब स्थानीय समुदायों, विशेषकर बच्चों और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करना, नुक्कड़ नाटक दिखाना और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को शिक्षित करना शामिल है। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को पत्थरबाजी के खतरों और इसके कानूनी परिणामों के बारे में सूचित करना है। रेलवे यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें और उनकी संपत्ति भी सुरक्षित रहे।



