इस योजना के तहत ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-28 में 21 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। यह भूखंड यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा मेडिकल उपकरण निर्माताओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
इस योजना का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा को देश के सबसे बड़े मेडिकल डिवाइस पार्क के रूप में विकसित करना है। इसमें कैंसर केयर, रेडियोलॉजी, इमेजिंग, आईवीडी, इंप्लांट्स, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस, कार्डियो-रेस्पिरेटरी और रीनल डिवाइसेस जैसे उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उद्योग विभाग का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाएगी। इससे न केवल प्रदेश में मेडिकल तकनीक का विकास होगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लिए सरल आवेदन प्रक्रिया और विशेष प्रोत्साहन नीति लागू की है, जिससे उद्यमियों को आकर्षित किया जा सके। जल्द ही इन प्लॉट्स के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।



