गुरुवार को हुई इस भयावह त्रासदी में 241 यात्रियों और 50 से अधिक नागरिकों की दुखद मौत हो गई है, जिससे पूरे शहर में मातम पसरा है और हर आंख नम है। ईटीवी भारत के विकास कौशिक की रिपोर्ट के अनुसार, आज शुक्रवार का अहमदाबाद एक ऐसा शहर था जो अपने घावों को सहला रहा था और हर ओर उदासी का माहौल था।
इस गहरे दुख और हताशा के बीच, शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे ‘हौसला रखना अहमदाबाद’ (Hausla Rakhna Ahmedabad) के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लोगों के मुरझाए चेहरों पर उम्मीद और एकजुटता की एक छोटी सी किरण बिखेर रहे हैं। ये प्रेरणादायक संदेश शहरवासियों को इस मुश्किल घड़ी में धैर्य बनाए रखने और एक-दूसरे का साथ देने का आह्वान कर रहे हैं। ये होर्डिंग्स सिर्फ विज्ञापन नहीं, बल्कि त्रासदी से जूझ रहे एक शहर की सामूहिक भावना और लचीलेपन का प्रतीक बन गए हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने का संदेश दे रहे हैं।
दुर्घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्य अभी भी युद्धस्तर पर जारी हैं, और शहर के नागरिक स्वयंसेवकों के रूप में आगे आकर हर संभव मदद कर रहे हैं। अस्पतालों में घायलों की भीड़ है और कई परिवार अभी भी अपने लापता प्रियजनों की तलाश में भटक रहे हैं, उनकी आंखों में अनिश्चितता और दर्द साफ झलक रहा है। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, ‘हौसला रखना अहमदाबाद’ जैसे संदेश शहर को इस त्रासदी से उबरने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहे हैं, जो आपदा के समय भी समुदाय की ताकत और आपसी सहयोग की भावना को दर्शाता है।



