जहां उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में रहेगा, वहीं दक्षिण और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। यह स्थिति देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह की चुनौतियों पेश करेगी।
आईएमडी के अनुसार, केरल और आंतरिक कर्नाटक के लिए 13 जून से रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। यह चेतावनी उन राज्यों के लिए भी है जहां मानसून पहले ही सक्रिय हो चुका है, जिससे बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। वहीं, उत्तर भारत के कई राज्य, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर, अभी भी भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं, जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में गरज के साथ आंधी चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
यह मौसम संबंधी विरोधाभास कृषि गतिविधियों, जल प्रबंधन और आपदा तैयारियों पर सीधा प्रभाव डालेगा। उत्तर भारत के लिए जहां लू से बचाव के उपाय जरूरी हैं, वहीं दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियों से निपटने की तैयारी करनी होगी। आईएमडी ने सभी प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।



