ममता पाठक ने अपनी याचिका में रसायन विज्ञान के सिद्धांतों का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाया है।
प्रोफेसर पाठक के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ विसंगतियां हैं जो रसायन विज्ञान के ज्ञात सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में उल्लिखित कुछ निष्कर्ष वैज्ञानिक रूप से संभव नहीं हैं, और इसलिए इस पर संदेह किया जाना चाहिए। ममता पाठक ने खुद भी अदालत में अपनी बात रखते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कुछ पहलुओं को चुनौती दी।
उच्च न्यायालय ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित करते हुए अभियोजन पक्ष को प्रोफेसर पाठक की आपत्तियों पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला अब एक नया मोड़ लेता दिख रहा है, जहां एक आरोपी स्वयं वैज्ञानिक सिद्धांतों के आधार पर सबूतों को चुनौती दे रहा है।



