डीटीएच सेवाओं पर दोहरी कर देनदारी: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि डीटीएच (डायरेक्ट-टू-होम) सेवाएं देने वाली कंपनियों को अब सेवा कर के साथ-साथ मनोरंजन कर भी चुकाना होगा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रसारण एक सेवा है, इसलिए इस पर केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया सेवा कर और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया मनोरंजन कर दोनों लागू होंगे।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि डीटीएच सेवा में दो मुख्य कार्य होते हैं — उपभोक्ताओं को संकेत भेजना और उन संकेतों का डिक्रिप्शन कर मनोरंजन प्रदान करना। जब तक संकेत नहीं भेजे जाते, दर्शक मनोरंजन सामग्री नहीं देख सकते, इसलिए यह सेवा और मनोरंजन दोनों की श्रेणी में आता है।
कोर्ट ने यह भी बताया कि यह फैसला उन याचिकाओं पर दिया गया है जो विभिन्न उच्च न्यायालयों के उन आदेशों को चुनौती दे रही थीं, जिनमें डीटीएच पर मनोरंजन कर को असंवैधानिक ठहराया गया था। अब स्पष्ट हो गया है कि डीटीएच कंपनियों को सेवा कर और मनोरंजन कर दोनों देना अनिवार्य होगा, जिससे सरकार को दोहरे राजस्व का लाभ मिलेगा।


