श्री बांके बिहारी मंदिर पुनर्विकास.
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में संशोधन की याचिका पर सुनवाई को दी मंजूरी.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर मामले में अपने पूर्व आदेश में संशोधन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। यह याचिका मंदिर से जुड़े देवेंद्र नाथ गोस्वामी द्वारा दाखिल की गई थी। याचिका में पुनर्विकास योजना पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि इसमें मंदिर प्रबंधन और स्थानीय धार्मिक समुदाय की भागीदारी नहीं ली गई।
न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी की दलीलें सुनने के बाद मामले को सूचीबद्ध करने पर सहमति दी। इससे पहले 15 मई को कोर्ट ने मंदिर कॉरिडोर के लिए 5 एकड़ जमीन खरीदने की यूपी सरकार की योजना को मंजूरी दी थी, जिसमें मंदिर की निधियों का ही इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी।
लेकिन गोस्वामी ने 19 मई को दाखिल याचिका में कहा कि इस योजना का कार्यान्वयन व्यावहारिक नहीं है और इससे मंदिर के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से जुड़े लोगों की राय के बिना इस तरह का पुनर्विकास मंदिर की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है। अब कोर्ट इस याचिका पर विस्तार से सुनवाई करेगा।


