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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहला पशु अस्पताल खुला

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सीतागांव गांव में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने पहला मुफ्त पशु चिकित्सालय खोला है।

महाराष्ट्र की सीमा से लगे इस दूरदराज के इलाके में पशुओं के लिए यह अपनी तरह की पहली चिकित्सा सुविधा है। इस अस्पताल की स्थापना का उद्देश्य स्थानीय आबादी का विश्वास जीतना और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाना है, जो 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने की केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा है।

इस अस्पताल में बड़े जानवरों के लिए एक बाड़ा, दवाओं और प्रक्रियाओं के लिए एक कमरा और एक पंजीकरण डेस्क है। आईटीबीपी की 27वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर विवेक कुमार पांडे ने शनिवार को इस अस्पताल का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह फील्ड अस्पताल सीतागांव के आसपास के 20 गांवों के लगभग 12,000 जानवरों की देखभाल करेगा। उद्घाटन के बाद, बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने पशुओं, जिनमें मुर्गियां, गायें और कुत्ते भी शामिल हैं, के साथ इस सुविधा पर पहुंचे।

कमांडिंग ऑफिसर पांडे ने कहा कि इस अस्पताल के माध्यम से पशु चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा फील्ड अस्पताल में जानवरों की नियमित जांच और मुफ्त इलाज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने के बाद जानवरों के लिए अस्पताल खोलने का विचार आया, क्योंकि सीतागांव और आसपास के 20 गांवों में बड़ी संख्या में पशुधन है, जो कई ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य स्रोत है। स्वास्थ्य सुविधा और डॉक्टरों की कमी के कारण कई जानवरों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता था, जिससे उनकी मृत्यु हो जाती थी। आईटीबीपी की इस पहल से ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।

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