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UPSC में झारखंड के होनहारों का जलवा, रांची की संस्कृति बनीं देश की टॉपर्स में शामिल.

किसान और अखबार विक्रेता के बच्चों ने भी रचा इतिहास, राज्य भर में जश्न का माहौल

रांची: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में इस वर्ष झारखंड के युवाओं ने एक बार फिर पूरे देश में राज्य का नाम रोशन किया है। देर शाम तक मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड के करीब दर्जनभर छात्रों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इन कामयाब चेहरों में कई ऐसे नाम भी हैं जिन्होंने साधारण परिस्थितियों में असाधारण मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।

इस सूची में सबसे उल्लेखनीय नाम है रांची की संस्कृति का, जिन्होंने देशभर में 17वीं रैंक हासिल की है। संस्कृति की पूरी पढ़ाई रांची में हुई और उन्होंने स्थानीय संसाधनों के सहारे ही अपनी तैयारी को अंजाम तक पहुंचाया। उनकी सफलता से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा झारखंड गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

वहीं दूसरी ओर, गढ़वा जिले के एक छोटे से गांव की छाया कुमारी ने किसान परिवार से ताल्लुक रखते हुए UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर समाज को एक नई प्रेरणा दी है। छाया ने बताया, “पढ़ाई के लिए मिट्टी के घर में दीया जलाकर भी पढ़ा, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी।”

बोकारो के राजकुमार महतो की कहानी भी उतनी ही प्रेरणादायक है। उनके पिता समाचार पत्र बेचकर घर चलाते हैं, लेकिन राजकुमार ने कठिनाइयों को पीछे छोड़ते हुए देश की सबसे कठिन परीक्षा में जगह बनाई। उनका कहना है, “मेरे पिता की हर सुबह की मेहनत मेरे लिए मोटिवेशन बनती थी।”

झारखंड में इन छात्रों की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि राज्य न केवल खनिज संसाधनों में धनी है, बल्कि प्रतिभा के मामले में भी किसी से पीछे नहीं। शिक्षा और समर्पण से कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है — यही संदेश इन सफल उम्मीदवारों ने दिया है।

राज्य सरकार और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों ने इन छात्रों को बधाई दी है और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। झारखंड अब इन नई उम्मीदों के साथ देश के प्रशासनिक ढांचे में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है।

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